बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर जारी चर्चाओं के बीच देवबंद के प्रमुख उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि दो बालिग व्यक्ति अपनी इच्छा से और कानून के दायरे में रहकर विवाह करते हैं, तो उसे अनावश्यक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
मौलाना इसहाक गोरा ने कहा कि किसी भी मामले में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, एक जैसी परिस्थितियों में सभी लोगों के लिए समान दृष्टिकोण होना चाहिए, चाहे संबंधित व्यक्तियों का धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
उन्होंने कहा, “जब मियां-बीवी राजी, तो क्या करेगा काजी।” उनका कहना था कि यदि कोई वयस्क व्यक्ति कानून के दायरे में रहकर अपनी पसंद का निर्णय लेता है, तो उसके निजी जीवन का सम्मान किया जाना चाहिए।
मौलाना ने यह भी कहा कि समाज में कई बार अंतरधार्मिक विवाह जैसे मामलों को अलग-अलग नजरिए से देखा जाता है। उन्होंने अपील की कि किसी भी विषय पर राय बनाते समय समानता और निष्पक्षता का पालन किया जाए तथा किसी व्यक्ति के धर्म के आधार पर अलग मानदंड न अपनाए जाएं।
उन्होंने लोगों से सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों, जैसे शिक्षा, रोजगार, महंगाई, सामाजिक सौहार्द और विकास पर अधिक ध्यान देने की भी अपील की। उनके अनुसार, सार्वजनिक विमर्श का केंद्र ऐसे विषय होने चाहिए जो आम लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करें।
कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को मुंबई में एक निजी समारोह में अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट से विवाह किया। यह उनकी तीसरी शादी बताई जा रही है। इससे पहले उनकी शादी रीना दत्ता और किरण राव से हो चुकी है।
आमिर खान की शादी को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक वर्गों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे उनका निजी निर्णय बताया, जबकि कुछ ने इस पर सवाल उठाए। इसी संदर्भ में मौलाना इसहाक गोरा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी और कानूनी फैसले का मूल्यांकन समान और निष्पक्ष दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए।


