राम मंदिर में कथित चढ़ावा (दान) घोटाले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, उनके इस्तीफे स्वीकार होने के बाद भी वे आजीवन ट्रस्टी बने रहेंगे और उन्हें आसानी से हटाया नहीं जा सकता।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और प्रशासन ने दान संग्रह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस मामले की जांच तेज कर दी है। अब तक इस केस में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से कई सुरक्षा एजेंसी से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
इधर, मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी के नाम पर बन रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिसके चलते अब इस पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियों ने लवकुश मिश्रा की पत्नी को भी नोटिस भेजा है, जिससे मामला और गंभीर होता जा रहा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस पूरे प्रकरण की वित्तीय जांच में जुट गया है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान विभिन्न आरोपियों से नकदी बरामद हुई है, जिनमें अविनाश शुक्ला से करीब 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और अन्य से भी रकम बरामद की गई है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों मिलकर इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और आगे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


