उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस और सपा के बीच चल रही सियासी खींचतान, सीट बंटवारे और पार्टी के अंदरूनी विवादों को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
‘कांग्रेस का भाव क्या है—चवन्नी, अठन्नी या रुपईया?’
अखिलेश यादव के हालिया बयान का जिक्र करते हुए ओपी राजभर ने तंज कसते हुए पूछा, “अखिलेश जी, ये बताइए कांग्रेस का भाव क्या है आजकल? चवन्नी, अठन्नी या रुपईया? अपना भी रेट बता दीजिए प्लीज?”
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता उन्हें लगातार घेर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा अध्यक्ष अपने संगठन और सहयोगी दलों से जुड़े मामलों को संभालने के बजाय दूसरी पार्टियों की चिंता कर रहे हैं।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि “आपसे अपना घर संभल नहीं रहा और आप हमारी चिंता में लगे हैं। हमारी चिंता छोड़िए महाराज।”
इमरान मसूद और आशु मलिक के विवाद का किया जिक्र
ओपी राजभर ने अपने बयान में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच सामने आए विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने अखिलेश यादव से कहा कि उन्हें अपने सहयोगी दलों और पार्टी से जुड़े मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
राजभर ने दावा किया कि इमरान मसूद पहले भी समाजवादी पार्टी को लेकर बयान देते रहे हैं और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में भी सपा पर निशाना साध रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दबाव के कारण अखिलेश यादव कई मुद्दों पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहे हैं।
‘कांग्रेस को 200 सीट चाहिए, इसकी चिंता कीजिए’
राजभर ने कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस के लिए 200 सीटों की मांग की गई है। उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि कांग्रेस को कितनी सीटें दी जाएंगी और गठबंधन में शामिल अन्य दलों के लिए सीटों का क्या फार्मूला होगा।
उन्होंने सपा की सहयोगी अपना दल (कमेरावादी) को लेकर भी अखिलेश यादव से सीट बंटवारे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
राजभर का कहना है कि कांग्रेस नेताओं की ओर से लगातार सीटों को लेकर बयान दिए जा रहे हैं, ऐसे में सपा नेतृत्व को गठबंधन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
‘पीला गमछा हमारी पहचान और अस्मिता’
अपने बयान के अंत में ओपी राजभर ने अपनी राजनीतिक पहचान और सामाजिक आधार का उल्लेख करते हुए कहा कि पीला गमछा उनकी पार्टी की पहचान और अस्मिता का प्रतीक है।
उन्होंने खुद को महाराजा सुहेलदेव का वंशज बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी अपने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय है।
राजभर ने पोस्ट का समापन “जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराज सुहेलदेव” के उद्घोष के साथ किया।
ओपी राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे तथा विपक्षी गठबंधन की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


