उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं, किसानों के हित, आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द लागू होगा आयोग
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है। इसके माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, मिड-डे मील रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को भी उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।
किसानों के हित सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के संरक्षण और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल में 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश चीनी मिलें निर्धारित समय के भीतर किसानों के खातों में भुगतान कर रही हैं।
खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ स्थानों पर पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन संबंधित विभाग को किसानों के लिए खाद की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खेती प्रभावित न हो।
राम मंदिर को लेकर विपक्ष पर निशाना
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल आज इस विषय को उठा रहे हैं, उन्होंने अतीत में राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में जिन लोगों का कोई योगदान नहीं रहा, वही आज चंदे को लेकर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जनता विपक्ष के इस दोहरे रवैये को देख रही है।
विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सदन का समय जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए उपयोग होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास, सुशासन और 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हितों के लिए रचनात्मक सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विधानमंडल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाकर उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। सरकार सदैव चाहती है कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक और जनहित केंद्रित रहे।


