रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जमीन से जुड़े मामले को लेकर समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर सवाल उठाए हैं।
जमीन के दस्तावेजों को लेकर उठाए सवाल
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर संबंधित जमीन के कागजात सही तरीके से पूरे कर दिए गए होते तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन को यूनिवर्सिटी के नाम पर पूरी तरह दर्ज कराया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राजभर ने दावा किया कि इस मामले में लापरवाही का नुकसान अब आजम खान को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट होती तो विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती।
50 बीघा जमीन के आरोपों पर भी बोले राजभर
मंत्री ने आजमगढ़ के सांसद दारोगा प्रसाद सरोज द्वारा लगाए गए जमीन से जुड़े आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि अगर जमीन खरीदी गई है तो उसके उद्देश्य और धन के स्रोत की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
सपा पर लगाया बड़ा आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं पर जमीन से जुड़े विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में सवालों के घेरे में रहे हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर कार्रवाई का आदेश
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने कथित अवैध निर्माणों को लेकर कार्रवाई का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण के अनुसार, परिसर में बने कुल 40 भवनों में से केवल 2 भवनों के नक्शे स्वीकृत पाए गए, जबकि 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाया गया बताया गया है।
प्रशासन का पक्ष
रामपुर प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में नियमों के अनुसार निर्माण की जांच की गई और जिन भवनों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिली, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।


