उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में राजभर ने गाजीपुर और अमेठी की कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए सपा नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव और सपा समर्थकों पर निशाना साधते हुए कहा कि “ऐसा लगता है कि आप भगवान श्रीकृष्ण के वंशज नहीं हो सकते, आप लोग कृष्ण नहीं बल्कि कंसवंशी हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं का रवैया और आक्रामक हो गया है।
PDA के नारे पर उठाए सवाल
ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नारा केवल राजनीतिक दावे तक सीमित है, जबकि जमीन पर पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
गाजीपुर की घटना का किया जिक्र
राजभर ने गाजीपुर की घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राजभर समाज की दो बच्चियों के साथ कथित रूप से अत्याचार हुआ। उन्होंने कहा कि 13 वर्षीय आंचल राजभर की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय चांदनी राजभर गंभीर स्थिति में है। उन्होंने इस मामले में अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए और जवाब मांगा।
अमेठी मामले को लेकर भी साधा निशाना
अपने बयान में राजभर ने अमेठी की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कश्यप युवक की हत्या प्रेम विवाह के कारण की गई। राजभर ने सवाल किया कि क्या अपनी पसंद से विवाह करना अपराध है और ऐसे मामलों पर सपा की ओर से प्रतिक्रिया क्यों नहीं आती।
कट्टर सोच को लेकर लगाया आरोप
राजभर ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि कुछ कट्टर विचारधाराओं के साथ खड़े होने से सपा नेताओं की सोच प्रभावित हुई है, जिसके कारण वह ऐसे मामलों पर चुप रहती है।
कई पिछड़ी और दलित जातियों से की एकजुट होने की अपील
पोस्ट के अंत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यदि किसी को उनसे राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो वह सीधे सामने आए। उन्होंने कई पिछड़ी और दलित जातियों का नाम लेते हुए उनसे एकजुट होने की अपील की। राजभर ने दावा किया कि यदि ये समुदाय एक साथ आते हैं तो समाजवादी पार्टी की राजनीति को बड़ा नुकसान हो सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


