उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के हर विकासखंड में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल बोर्ड और ई-कंटेंट के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण देंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत शुरू किए जा रहे इस प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को पढ़ाई का प्रभावी हिस्सा बनाना है, जिससे कक्षाएं अधिक रोचक, आधुनिक और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बन सकें।
30 अगस्त तक पूरा होगा प्रशिक्षण अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को प्रशिक्षण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विकासखंड से एक शिक्षक को मास्टर ट्रेनर के रूप में चुना गया है। इन शिक्षकों को राज्य स्तर पर दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में अन्य शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे।
प्रत्येक प्रशिक्षण बैच में अधिकतम 50 शिक्षक शामिल होंगे और पूरा अभियान 30 अगस्त 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल की मिलेगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, ICT लैब, इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और ई-कंटेंट के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही शिक्षकों को डिजिटल प्रेजेंटेशन तैयार करने, विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
शिक्षकों को NBDIUP पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल बोर्ड मैनुअल, इंस्टॉलेशन वीडियो और संचालन संबंधी ट्यूटोरियल का उपयोग करना भी सिखाया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया आधार
सरकार का उद्देश्य केवल स्कूलों में डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनका नियमित शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षित शिक्षक तकनीक के माध्यम से विषयों को आसान, रोचक और अधिक समझने योग्य बना सकेंगे। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत डिजिटल और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग से होगी गुणवत्ता की निगरानी
प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट कराया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम की ऑनलाइन निगरानी राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों को प्रशिक्षण की नियमित निगरानी और शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशिक्षण सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी और शिक्षकों से फीडबैक लेकर कार्यक्रम की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा।
तकनीकी समस्याओं के समाधान की भी व्यवस्था
स्मार्ट क्लास और ICT लैब के संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सेवा प्रदाताओं के जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
किसी भी समस्या का समाधान निर्धारित एस्केलेशन मैट्रिक्स के तहत समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
हर शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना लक्ष्य
योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में सक्षम बनाना है, ताकि विद्यालयों में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।
सरकार का मानना है कि जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करेंगे, तभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सहभागितापूर्ण शिक्षा पहुंच सकेगी।


