कानपुर देहात में पावर प्लांट स्थापित करने के लिए आवंटित की गई करीब 944 हेक्टेयर जमीन पर 15 साल बाद भी परियोजना शुरू नहीं होने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने दो कंपनियों को आवंटित जमीन वापस लेने का आदेश जारी किया है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, वर्ष 2011 में थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के उद्देश्य से मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील में जमीन उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, तय समय सीमा बीतने के बावजूद दोनों कंपनियों ने परियोजना पर काम शुरू नहीं किया।
944 हेक्टेयर से अधिक जमीन का आवंटन रद्द
मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड को विभिन्न गांवों में कुल 375.378 हेक्टेयर और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को करीब 568.651 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। दोनों को मिलाकर कुल 944.029 हेक्टेयर भूमि परियोजना के लिए आवंटित की गई थी।
अनुबंध के मुताबिक, कंपनियों को जमीन पर कब्जा मिलने के तीन साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। लेकिन करीब 15 साल गुजरने के बाद भी मौके पर परियोजना का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
बिना अनुमति बैंकों में गिरवी रखी जमीन
जांच के दौरान अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का एक और मामला सामने आया। नियमों के अनुसार, राज्य सरकार की अनुमति के बिना कंपनियां आवंटित जमीन को बेच,


