नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 15 जून 2026 से 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया है। यह पहली बार है जब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
हर 15 मिनट में मिलेगी बस
इन ई-बसों का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। बसें लगभग 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा
नई ई-बस सेवा की एक खास विशेषता रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग है। इसके माध्यम से यात्री बस की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
पांच प्रमुख रूटों पर संचालन
100 इलेक्ट्रिक बसों को पांच प्रमुख रूटों पर संचालित किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख गंतव्य शामिल हैं:
- बॉटेनिकल गार्डन से परी चौक (ग्रेटर नोएडा)
- बॉटेनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट
- बॉटेनिकल गार्डन से सूरजपुर कलेक्ट्रेट
- बॉटेनिकल गार्डन से नया बस अड्डा, गाजियाबाद
- बॉटेनिकल गार्डन से आनंद विहार बस स्टेशन
किफायती किराया और आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया 20 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 50 रुपये तक निर्धारित किया गया है। सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित (AC) हैं और सुरक्षा के लिए इनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में यात्रियों की मांग और जरूरतों के आधार पर बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।


