NEET पेपर लीक मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया है।
नरेश चौहान ने कहा कि दिल्ली में हाल ही में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी, जिसमें कई राजनीतिक दलों ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था, जिन्होंने लंबे समय तक मेहनत और तैयारी की, लेकिन बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, परीक्षा का प्रश्नपत्र बाजार तक पहुंचना व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है।
नरेश चौहान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी पहले से ही इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की बात करते रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए, ताकि देश में एक सकारात्मक संदेश जाए।
साथ ही उन्होंने परीक्षा संचालन में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि पेपर सुरक्षा के लिए सेना या वायुसेना की मदद लेनी पड़ रही है, तो यह व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। नरेश चौहान ने दोहराया कि इस पूरे मामले से लाखों छात्र और अभिभावक प्रभावित हुए हैं और सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।


