जोधपुर के विशेष न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने पीपाड़ क्षेत्र में एक गंभीर और संवेदनशील मामले में एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 85 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। आरोपी ने अपने ही छोटे भाइयों की पत्नियों के साथ अलग-अलग समय पर दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास जैसी वारदातें अंजाम दी थीं।
जानकारी के अनुसार, पहली पीड़िता ने सामाजिक दबाव के कारण शुरुआत में यह घटना छिपाई, लेकिन आरोपी ने दुसरे भाई की पत्नी के साथ भी अपराध की कोशिश की। पीड़िता के विरोध और शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पहली पीड़िता ने अपनी सास को घटना बताई, जिससे मामला उजागर हुआ।
पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका आरोपी की सगी मां की रही। उन्होंने अदालत में साहसिक और स्पष्ट गवाही दी, कहा कि उनका बेटा आदतन अपराधी है और उसे कोई नरमी नहीं दी जानी चाहिए। उनकी गवाही ने आरोप को संदेह से परे साबित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कोर्ट ने आरोपी को धारा 376(2)(एफ) के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 376/511 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना, तथा धारा 354 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया।
इस फैसला को समाज में न्याय और हिम्मत की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आरोपी के खिलाफ अपनी ही मां की गवाही ने सत्य और न्याय की जीत सुनिश्चित की।

