राजस्थान के झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की सिफारिश के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है। गांव के कई निवासी इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसका समर्थन भी कर रहे हैं।
स्थानीय भाजपा विधायक राजेंद्र भाम्बू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गांव का नाम श्रीरामपुर करने की अनुशंसा की थी। उनका दावा है कि मुगल काल से पहले गांव का नाम श्रीरामपुर था और कुछ स्थानीय लोग इसे पुनः वही नाम देने की मांग कर रहे हैं।
वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच आमीन मनियार ने कहा कि पंचायत ने नाम परिवर्तन से संबंधित कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस बदलाव के खिलाफ हैं और उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गांव का नाम यथावत रखने की मांग की है।
झुंझुनूं जिला प्रशासन के अनुसार नाम परिवर्तन से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हुआ है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐतिहासिक व प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
नाम परिवर्तन के विरोध में ग्रामीणों ने पदयात्रा कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। विरोध करने वालों का कहना है कि गांव का नाम लंबे समय से इस्लामपुर है और इससे गांव की पहचान जुड़ी हुई है। उनका आरोप है कि इस मुद्दे से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
दूसरी ओर, नाम परिवर्तन के समर्थकों का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से गांव का नाम श्रीरामपुर था और उसे पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। वे अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज जुटाने की बात कह रहे हैं। प्रशासन विभिन्न पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच कर रहा है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।


