उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की प्रदेश में प्रतिनियुक्ति समाप्त हो गई है। उन्हें इस बार आठवां सेवा विस्तार नहीं मिला। 14 अगस्त 2026 को उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने मुरादाबाद मंडलायुक्त का पद छोड़ दिया था। इसके बाद अब वह अपने मूल कैडर सिक्किम लौटेंगे।
आंजनेय कुमार सिंह ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद उनकी यूपी से विदाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कार्यकाल के आगे बढ़ने को लेकर पहले चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन इस बार उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला।
सात बार मिल चुका था सेवा विस्तार
सिक्किम कैडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह फरवरी 2015 में प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश आए थे। उनकी प्रतिनियुक्ति को अलग-अलग वर्षों में कुल सात बार बढ़ाया गया। 2020 से 2023 तक उन्हें एक-एक वर्ष का विस्तार मिला, जबकि 2024 में दो बार छह-छह महीने और 2025 में एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। उनका अंतिम विस्तार 14 अगस्त 2026 को समाप्त हुआ।
रामपुर डीएम रहते हुए आए चर्चा में
आंजनेय कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा पहचान रामपुर के जिलाधिकारी के तौर पर मिली। वर्ष 2019 में रामपुर डीएम के रूप में तैनाती के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर वह चर्चा में रहे। इसके बाद मार्च 2021 में उन्हें मुरादाबाद मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया।
मुरादाबाद मंडलायुक्त के रूप में उन्होंने लंबे समय तक जिम्मेदारी संभाली और 14 अगस्त 2026 तक इस पद पर रहे। प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने अपना प्रभार मुरादाबाद के जिलाधिकारी को सौंप दिया था।
मुरादाबाद को मिली नई मंडलायुक्त
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से हाल में किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के फेरबदल में संगीता सिंह को मुरादाबाद मंडल का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही आंजनेय कुमार सिंह की यूपी में लंबी प्रशासनिक पारी समाप्त हो गई।
अब मूल कैडर लौटेंगे
आंजनेय कुमार सिंह के लिए उत्तर प्रदेश में करीब 11 वर्षों की प्रतिनियुक्ति अवधि अब समाप्त हो गई है। आठवां सेवा विस्तार नहीं मिलने के बाद उनके मूल कैडर सिक्किम लौटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में आठवां विस्तार नहीं मिलने की कोई स्पष्ट आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।


