मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इस वर्ष उत्तर प्रदेश के 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और भारत के गौरवशाली इतिहास से प्रत्येक नागरिक को जोड़ने वाला जनआंदोलन है। इसे व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से जन-जन का अभियान बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमा घरों में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का अनिवार्य प्रदर्शन किया जाए।
शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, स्वतंत्रता दिवस समारोह तथा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व जनभागीदारी के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाकर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी, सहायता प्राप्त संस्थानों, स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, उचित दर की दुकानों, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सामाजिक संगठनों में राष्ट्रीय ध्वज सम्मानपूर्वक फहराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से इस वर्ष अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 में 4.1 करोड़, 2023 और 2024 में 4.5 करोड़, जबकि 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। इस वर्ष 5 करोड़ घरों तक पहुंचने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज के समय पर निर्माण, उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थानों, एमएसएमई इकाइयों तथा स्थानीय उत्पादन केंद्रों को अभियान से जोड़ा जाए। आम जनता को राष्ट्रीय ध्वज उचित दर की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, कॉमन सर्विस सेंटरों, तहसीलों, विकासखंड कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों, पेट्रोल पंपों तथा अन्य निर्धारित केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में तिरंगा रैलियां, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा प्रदर्शनी, तिरंगा आधारित रंगोली प्रतियोगिताएं, सेल्फी विद तिरंगा अभियान और विशेष रोशनी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख बाजारों और चौराहों को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा।
विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा अन्य देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 अगस्त (काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस) से लेकर 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सभी शहीद स्मारकों, स्मृति स्थलों और स्मारकों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन स्थलों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाए तथा पुलिस बैंड की सहभागिता से देशभक्ति का वातावरण बनाया जाए।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस से पूर्व पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। अमृत सरोवरों और ग्राम सचिवालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जा सके।
बैठक में 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास का अध्याय मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा की प्रेरणा देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि 14 अगस्त को लखनऊ सहित सभी जिला मुख्यालयों पर विभाजन विभीषिका विषयक प्रदर्शनी आयोजित की जाए। प्रत्येक जिले में नामित मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभाजन से प्रभावित पंजाबी, सिंधी और बंगाली परिवारों को अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाए। बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल करते हुए उनके साथ कैंडल मार्च आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके दुष्परिणामों तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व पर संगोष्ठी, परिचर्चा और सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संचार माध्यमों का सहयोग लेने को कहा।


