पंजाब में बेअदबी विरोधी नया कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। यह चार दिवसीय धार्मिक यात्रा है, जिसके दौरान मुख्यमंत्री राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेकेंगे और अरदास करेंगे।
यात्रा की शुरुआत श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केशगढ़ साहिब से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मत्था टेका और यात्रा का शुभारंभ किया।
बेअदबी विरोधी कानून को बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लागू किया गया बेअदबी विरोधी कानून एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि यह कानून भविष्य में किसी भी तरह की धार्मिक बेअदबी की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज में धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोषियों को सख्त सजा दिलाना है।
प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे CM मान
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान वे 9 मई तक कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- तख्त श्री केशगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब)
- श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर)
- श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो)
- मस्तुआणा साहिब
- गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब
- श्री फतेहगढ़ साहिब
इस यात्रा का समापन श्री फतेहगढ़ साहिब में होगा।
“गुरु साहिब का आशीर्वाद मिला” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून लागू होना और सेवा का अवसर मिलना उनके लिए परमात्मा का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक मानते हैं और यह यात्रा उसी कृतज्ञता का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रयास किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था की रक्षा के लिए किया गया है।
बेअदबी को बताया समाज को तोड़ने की साजिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिशों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कानून ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत कदम है।

