हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मानसून ने दस्तक देते ही भारी तबाही मचाई है। गुरुवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र के पास अचानक आई बाढ़ से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) मलबे और कीचड़ से भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश के कारण मिरू नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तड़के करीब 4 बजे चोलिंग स्कूल के पास बाढ़ का तेज बहाव आया, जिससे हाईवे का लगभग 30 मीटर हिस्सा बड़े पत्थरों, कीचड़ और मलबे से ढक गया। इस दौरान कई वाहन मलबे में फंस गए, हालांकि किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनों की मदद से राहत कार्य तेज़ी से जारी है। अधिकारियों ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम और सड़क की ताज़ा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
वहीं, प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, 30 जून से 2 जुलाई के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा राज्यभर में लगभग 50 सड़कें बंद हैं, 42 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं और 27 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली का कार्य जारी है।


