पहले डर हटाया, अब बेटियों को सपनों की उड़ान दे रही सरकार: सीएम योगी

shikha verma
9 Min Read

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को जातीय आधार पर बांटने वाले लोग दुर्दांत माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात आते ही मौन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार माफिया के सामने नहीं झुकती। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं है।

Contents

मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी अब केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

2017 से पहले सुरक्षा की चिंता, अब सपनों को उड़ान

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बेटी को स्कूल भेजने से पहले परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था। घर में शौचालय न होने से महिलाओं की गरिमा, रसोई में धुएं से स्वास्थ्य, इलाज के लिए पैसे और परिवार चलाने के लिए आमदनी की चिंता रहती थी।

उन्होंने कहा कि जब परिवार को सुरक्षा का भरोसा नहीं होता तो सबसे पहले बेटी के सपनों पर रोक लगती है। भाजपा सरकार ने पहले डर का माहौल खत्म किया, फिर बेटियों को पढ़ाया, हुनर से जोड़ा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।

“पहले सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी, आज सवाल यह है कि उसे जाना कहां तक है। कोई बेटी सिर्फ इसलिए अपने सपनों को नहीं छोड़ेगी कि वह गरीब परिवार में पैदा हुई है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि महिलाएं बिना डर स्कूल, कॉलेज, नौकरी, कारोबार और सामाजिक जीवन में अपनी भागीदारी बढ़ा सकें।

10 हजार से बढ़कर 44 हजार हुई महिला पुलिसकर्मियों की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ाई गई है। वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 44 हजार हो गई है। नई भर्ती के बाद प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र, महिला बीट पुलिस अधिकारी और इंटीग्रेटेड महिला बीट सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। 1090 और 181 जैसी सेवाओं को भी महिला सुरक्षा से जोड़ा गया है। पीएसी में तीन महिला बटालियन स्थापित की जा रही हैं, जिन्हें वीरांगना अवंती बाई लोधी, वीरांगना ऊदा देवी पासी और वीरांगना झलकारी बाई के नाम से जाना जाएगा।

सड़क और कनेक्टिविटी बेटियों के सपनों तक पहुंचने का माध्यम

सीएम योगी ने कहा कि बेटी और बहन के लिए सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार और कार्यस्थल तक पहुंचने का माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में हाईवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, रोजगार और कारोबार के अवसरों तक महिलाओं की पहुंच आसान हुई है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने आवागमन को नई गति दी है।

जन्म से विवाह तक बेटियों के साथ सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने बेटियों के जीवन के विभिन्न चरणों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लागू की हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटियों को शिक्षा और सम्मान से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। विवाह योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से विवाह की व्यवस्था की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक पांच लाख से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न हो चुका है।

50 हजार मेधावी बेटियों को मिलेगी स्कूटी

सीएम योगी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। पहले जहां ये विद्यालय कक्षा छह से आठ तक संचालित होते थे, वहीं अब इन्हें कक्षा 12 तक संचालित करने की दिशा में काम हो रहा है।

अटल आवासीय विद्यालयों में बेटियों के लिए आधी सीटें निर्धारित की गई हैं। सैनिक स्कूलों में भी बेटियों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी है।

प्रोजेक्ट गंगा में तैयार होंगी 4 हजार महिला डिजिटल उद्यमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ केवल शिक्षा और सुरक्षा नहीं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन भी है। सरकार स्किल डेवलपमेंट मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है।

उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत करीब आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल एंटरप्रेन्योर तैयार किए जाएंगे। इनमें चार हजार महिला डिजिटल उद्यमी होंगी। ये महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।

स्वयं सहायता समूहों से मजबूत हो रहीं ग्रामीण महिलाएं

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर, काशी मिल्क प्रोड्यूसर, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी पहलों से चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ओडीओपी योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दी है।

महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि आधी आबादी को उसकी जनसंख्या के अनुपात में जीवन के हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व मिले।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं और इनमें लगभग आधे महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। महिलाएं अब सिर्फ रोजगार पाने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन रही हैं।

हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही बेटियां

सीएम योगी ने कहा कि महिलाएं स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, खेल और सेना जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में बराबर की भागीदार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को दी वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पावन धरती काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। पिछले 12 वर्षों में काशी में करीब एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और घरौनी जैसी योजनाओं से महिलाओं को सम्मान और अधिकार मिला है। देश में करीब तीन करोड़ घरौनियां वितरित की गई हैं, जिनमें एक करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश में हैं। इनमें महिलाओं को भी मालिकाना अधिकार दियाी ने बताया कि प्रदेश में 1.10 करोड़ से अधिक वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं और बेटियों को परिवहन निगम तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई सदैव परिवार की सबसे बड़ी पूंजी माना गया है। यदि बेटी शिक्षित और सक्षम हो जाए तो पूरा परिवार स्वावलंबी बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गया है।

महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की सुविधा

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 1.10 करोड़ से अधिक वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं और बेटियों को परिवहन निगम तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई।

इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज में बेटी को सदैव परिवार की सबसे बड़ी पूंजी माना गया है। यदि बेटी शिक्षित और सक्षम हो जाए तो पूरा परिवार स्वावलंबी बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम का आयोजन विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a Comment