झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है। इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से छुट्टी लेकर दोबारा प्रदर्शन स्थल पर जाने की इच्छा जताई है। उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर उन्हें डिस्चार्ज करने का आग्रह किया है।
11वें दिन भी जारी है अनशन
देवेंद्र नाथ महतो JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और जवाबदेही की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। 13 अगस्त को उनके अनशन का 11वां दिन है।
फिलहाल वह रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया गया है कि 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में उन्हें चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शन स्थल पर लौटना चाहते हैं महतो
अस्पताल में इलाज के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर प्रदर्शन स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी। उन्होंने पत्र में अपने प्रदर्शनकारी साथियों से दूर रहने को लेकर चिंता जाहिर की।
महतो ने लिखा कि उनके लिए शारीरिक पीड़ा से ज्यादा चिंता की बात यह है कि वह अपने साथियों के साथ आंदोलन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
‘मेरी देह अस्पताल में, लेकिन आत्मा सत्याग्रह स्थल पर’
अपने पत्र में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनका शरीर अस्पताल में इलाज करा रहा है, लेकिन उनकी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है। उन्होंने लिखा कि वहां छात्र और युवा अपने बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
महतो का कहना है कि वह आंदोलन में अपने साथियों के बीच रहना चाहते हैं और इसी वजह से उन्होंने अस्पताल से छुट्टी देने का अनुरोध किया है।
JPSC-JSSC मामले में जारी है छात्रों का आंदोलन
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की अस्पताल से छुट्टी की मांग के बीच अब यह देखना अहम होगा कि डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें डिस्चार्ज करने की अनुमति देते हैं या नहीं।


