‘शार्क टैंक इंडिया’ की जज Namita Thapar एक पुराने वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विवादों में घिर गई हैं। इस वीडियो में उन्होंने नमाज के दौरान होने वाली शारीरिक गतिविधियों और उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों पर चर्चा की थी।
वीडियो सामने आने के बाद एक वर्ग ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया। लगातार आलोचनाओं और आपत्तिजनक टिप्पणियों के बीच नमिता थापर ने अब एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है।
ट्रोलिंग पर दी प्रतिक्रिया
नमिता थापर ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से उन्हें और उनके परिवार, खासकर उनकी मां को भी ऑनलाइन गालियों और अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह योग, सूर्य नमस्कार और अन्य परंपरागत व्यायामों के स्वास्थ्य लाभों पर बात करती हैं, तब विवाद क्यों नहीं होता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल के तौर पर उनका उद्देश्य केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विभिन्न गतिविधियों के लाभों को समझाना था, न कि किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठाया मुद्दा
अपने बयान में उन्होंने ऑनलाइन महिला उत्पीड़न पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर इस तरह की अभद्र भाषा को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो गलत है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने लिए आवाज उठाएं, क्योंकि कोई और हमेशा उनके पक्ष में खड़ा नहीं होगा।
धार्मिक दृष्टिकोण पर सफाई
नमिता थापर ने यह भी कहा कि वह खुद को एक गर्वित हिंदू मानती हैं और उनका विश्वास है कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म की आलोचना करना नहीं था।
विवाद की शुरुआत
विवाद उस पुराने वीडियो से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने नमाज के दौरान होने वाली शारीरिक गतिविधियों को एक तरह का व्यायाम बताते हुए उसके स्वास्थ्य लाभों की चर्चा की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और मामला काफी बढ़ गया।

