नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) विधेयक 2026 को लेकर सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पेश होने वाले इस बिल में समय पर पदोन्नति (प्रमोशन) से जुड़ा संशोधन शामिल किया जाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि CISF, CRPF, BSF, SSB और ITBP जैसे केंद्रीय बल देश की सुरक्षा में अग्रिम पंक्ति में तैनात रहते हैं। ये बल आतंकवाद, नक्सलवाद और सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं और कई बार जवानों को अपनी जान भी कुर्बान करनी पड़ती है।
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि इन बलों में ग्रुप-ए अधिकारियों के साथ भेदभाव हो रहा है, खासकर प्रमोशन के मामलों में। उन्होंने कहा कि लंबे समय से हजारों अधिकारी समय पर पदोन्नति न मिलने के कारण परेशान हैं, जिससे उनका मनोबल गिर रहा है। अगर सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर होगा, तो इसका असर देश की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाया। अब जब CAPF बिल पेश होने जा रहा है, तो उनकी कोशिश रहेगी कि इसमें संशोधन कर समय पर प्रमोशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यह विधेयक केंद्रीय बलों में भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को एक समान कानून के तहत लाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक विवाद कम किए जा सकें।
