पंजाब के किसानों को भंडारण संकट से जल्द राहत मिलने वाली है। राज्य में जमा भारी मात्रा में गेहूं और चावल के उठान के लिए केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच अहम सहमति बनी है।
यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद लिया गया।
155 लाख मीट्रिक टन अनाज के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में तय किया गया कि पंजाब में पड़े लगभग 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल को उठाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि गोदामों पर बढ़ता दबाव कम किया जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के गोदामों में पहले से ही करीब 180 लाख मीट्रिक टन अनाज भरा हुआ है, जिससे नई फसल के भंडारण में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही थी।
किसानों और मंडियों से जुड़े कई मुद्दे उठे
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें शामिल हैं:
- ग्रामीण विकास फंड (RDF) के तहत लंबित लगभग ₹9,000 करोड़ की राशि
- कैश क्रेडिट लिमिट पर अधिक ब्याज दर
- ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का मुआवजा
- आढ़तियों और मंडी मजदूरों की लंबित मांगें
- EPF से जुड़े भुगतान के मुद्दे
केंद्र ने दिया सकारात्मक आश्वासन
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया गया और जल्द समाधान के लिए सचिव स्तर की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर कहा कि पंजाब के हितों से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है और केंद्र सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।

