उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, मजदूरी दरों में बदलाव लागू

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उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए नई न्यूनतम मजदूरी दरों को कानूनी मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही ये नई दरें पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू हो गई हैं।

नई व्यवस्था के तहत राज्य को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है ताकि अलग-अलग जिलों में जीवन-यापन की लागत के अनुसार मजदूरी तय की जा सके। पहली श्रेणी में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद शामिल हैं, जहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है।

दूसरी श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को रखा गया है, जहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये मजदूरी तय की गई है। वहीं तीसरी श्रेणी में शेष जिलों को शामिल किया गया है, जहां मजदूरी दरें क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये निर्धारित की गई हैं।

इन सभी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी शामिल है, जिससे बढ़ती महंगाई का प्रभाव कम किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों को राहत देने और औद्योगिक स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक था।

इस फैसले के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। समिति में श्रम विभाग, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और श्रमिक एवं नियोक्ता प्रतिनिधि शामिल थे। समिति ने सभी पक्षों से चर्चा के बाद संतुलित प्रस्ताव तैयार किया।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई मजदूरी दरों के लागू होने के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता या श्रमिकों के हितों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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