हिमाचल प्रदेश में सरकार के दो अहम फैसलों को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने विरोध तेज कर दिया है। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर कमला नेहरू अस्पताल की सेवाओं को IGMC में स्थानांतरित करने और शिमला में सड़क पास शुल्क बढ़ोतरी के फैसले पर आपत्ति जताई।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए इन दोनों फैसलों को जनविरोधी बताया। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे, जिन्होंने सरकार के निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए।
अस्पताल शिफ्टिंग पर जताई चिंता
बीजेपी ने कहा कि शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल की गायनी सेवाओं को IGMC में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव अव्यवहारिक है। पार्टी का कहना है कि यह अस्पताल वर्षों से महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
पार्टी ने यह भी तर्क दिया कि IGMC पहले से ही क्षमता से अधिक मरीजों का दबाव झेल रहा है, ऐसे में अतिरिक्त सेवाओं का स्थानांतरण स्वास्थ्य व्यवस्था पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
पास शुल्क बढ़ोतरी का विरोध
बीजेपी ने शिमला की प्रतिबंधित सड़कों पर पास शुल्क में पांच गुना बढ़ोतरी के फैसले का भी विरोध किया। पार्टी के अनुसार यह निर्णय आम जनता, व्यापारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
सरकार से फैसले वापस लेने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि सरकार को इन दोनों फैसलों पर पुनर्विचार करने के निर्देश दिए जाएं। बीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

