नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मुहिम को लगातार जनभागीदारी मिल रही है। इसी क्रम में शनिवार को जन भवन से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत साइकिल रैली निकाली गई। रैली में जन भवन के करीब 150 कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
रैली का उद्देश्य लोगों को नशे के स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।
जन भवन से शुरू होकर विभिन्न इलाकों से गुजरी रैली
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देशन में आयोजित साइकिल रैली जन भवन से रवाना हुई और लखनऊ के विभिन्न वार्डों से होते हुए वापस जन भवन पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली में शामिल कार्मिकों ने रास्ते भर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। विभिन्न पड़ावों पर लोगों को नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के साथ-साथ इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों ने आम लोगों से नशामुक्त जीवन अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जनभागीदारी को बनाया जा रहा अभियान का आधार
सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसमें आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साइकिल रैली इसी दिशा में एक प्रयास रही।
जन भवन के कार्मिकों ने सड़क पर उतरकर लोगों के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाई। रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान अभियान की ओर आकर्षित हुआ।
अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे की लत से बचाने, परिवारों को जागरूक करने और समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया।
“हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण”
राज्य मद्यनिषेध अधिकारी आर.एल. राजवंशी ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि साइकिल रैली के माध्यम से आम लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कई गणमान्य लोगों ने की सहभागिता
साइकिल रैली में राज्यपाल के विशेष कार्य अधिकारी सुधीर एम. बोबड़े, पार्षद नागेंद्र चौहान, पार्षद अमित चौधरी समेत कई गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की।
आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना को मजबूत करना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।


