बिहार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत राज्य सरकार ने DA को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है, जिससे करीब 9 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके साथ ही पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट बैठक में कुल 18 एजेंडों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई। इनमें कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास से जुड़े निर्णय शामिल हैं। सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए गृह विभाग के तहत पांच जिलों—पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान—में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP Rural) के नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इससे इन जिलों में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण को भी स्वीकृति दी गई है। यह संस्थान राज्य में खाद्य प्रसंस्करण और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा।
शिक्षा विभाग ने भी एक अहम कार्रवाई करते हुए अनियमितता और गबन के आरोपों में एक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, जिससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
यह कैबिनेट बैठक हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पहली बैठक थी, जिसमें राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।


