महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लोकसभा में गिरा, सरकार के लिए बड़ा झटका

Bole India
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लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित नहीं किया जा सका। दो दिन की लंबी बहस के बाद हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े, लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह विधेयक गिर गया।

यह पिछले कई वर्षों में पहली बार है जब नरेंद्र मोदी सरकार का कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका।

इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था, जिसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। सरकार का कहना था कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार ने महिलाओं को अधिकार देने का बड़ा अवसर गंवा दिया। वहीं अमित शाह ने इसे नारी शक्ति को मजबूत करने वाला कदम बताया।

विपक्ष ने इस विधेयक पर कड़ा विरोध जताया। प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। राहुल गांधी ने इसे चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश बताया, जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष ने सरकार को आगे बढ़ने से रोक दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधेयक के पीछे राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है और व्यापक सहमति की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह रही। संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत सरकार के पास नहीं था, जिसके कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका।

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