अयोध्या में, श्रीराम की जन्मस्थली पर शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के वित्त पोषण एवं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (N.P.E.P) के तत्वाधान में तीन दिवसीय वार्षिक परियोजना समीक्षा बैठक (15-17 मार्च, 2026) का शुभारंभ हुआ। इस बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, साथ ही N.P.E.P से जुड़े क्षेत्रीय परियोजना समन्वयक और प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि, NCERT के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्देश दिए। उन्होंने भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़कर शिक्षा को छात्रों तक पहुँचाने पर जोर दिया और स्वयं में परिवर्तन कर किशोरावस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
प्रो. सकलानी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार पाठ्यक्रम और पठन सामग्री के आधार पर कार्यक्रम को विद्यार्थियों तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने किशोरावस्था से जुड़ी समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेने का आग्रह किया। साथ ही, आधुनिक चिकित्सा पद्धति और मनोवैज्ञानिक शोधों से लाभ उठाने के साथ-साथ भारतीय जीवन दर्शन और ज्ञान परंपरा के अनुसार जीवनशैली में परिवर्तन करने पर भी जोर दिया।
निदेशक महोदय ने सुझाव दिया कि वार्षिक समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हों।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जनार्दन सिंह ने किया। सभी प्रतिभागियों का स्वागत प्रो. गौरी श्रीवास्तव ने किया, कार्यक्रम की रूपरेखा प्रो. विजय कुमार मालिक ने प्रस्तुत की और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने किया।
