आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तारावती SIR में सहायक के रूप में काम कर रही थीं। तारावती की मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए। हालत संभलने पर बुधवार सुबह तारावती अपने केंद्र पर पहुंचीं और अपनी रोजमर्रा की कार्रवाई के तहत ऑनलाइन हाजिरी लगाई। इसी दौरान उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका के पति रमेश कुमार के अफसरों पर गंभीर आरोप है, आरोप है कि SIR सर्वे में बीएलओ के साथ काम कराने के नाम पर अधिकारियों का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था। एक तरफ पोषाहार वितरण की जिम्मेदारी, दूसरी तरफ SIR के फॉर्म भरवाने की हड़बड़ी से तारावती लगातार दबाव में औऱ मानसिक रूप से भी परेशान थीं। परिजनों का कहना है कि यही तनाव और काम का बोझ हार्ट अटैक का कारण बना, जिसने उनकी जान ले ली। फिलाल तारावती की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में कोहराम मचा हुआ है। दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया, और पति अपनी पत्नी की अचानक मौत को लेकर अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। फिलहाल तारावती का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
