चेन्नई में Garuda Aerospace की डिफेंस ड्रोन फैक्ट्री पहुंचे सेना के वरिष्ठ अधिकारी, स्वदेशी तकनीक का लिया जायजा

Nikhil Malhotra
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इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कंपनी की स्वदेशी तकनीक, लोकलाइजेशन क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस से जुड़े मौजूदा व आगामी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा क…

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कंपनी की स्वदेशी तकनीक, लोकलाइजेशन क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस से जुड़े मौजूदा व आगामी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करना था। कंपनी ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस और ड्रोन इकोसिस्टम में अपनी भूमिका को लेकर भी जानकारी साझा की

दौरे के दौरान Garuda Aerospace ने अपने डिफेंस प्रोग्राम, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और इंडस्ट्री पार्टनरशिप का प्रेजेंटेशन दिया। कंपनी ने अपने बढ़ते ड्रोन पायलट ट्रेनिंग इकोसिस्टम के बारे में भी जानकारी दी। इसमें Remote Pilot Training Organisations (RPTOs) शामिल हैं। कंपनी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के सामने प्रस्तावित उन पहलों की भी जानकारी दी, जिनके तहत तीनों सेनाओं के 80,000 अग्निवीरों को ड्रोन ट्रेनिंग देने की योजना पर काम किया जा रहा है

Garuda Aerospace के फाउंडर और CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा कि भारत को डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योग, सरकार, शिक्षा जगत और सशस्त्र बलों के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है

उन्होंने कहा कि मेजर जनरल गोपाल कपूर का कंपनी की फैसिलिटी का दौरा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कंपनी को यह दिखाने का अवसर मिला कि वह ज्यादा आत्मनिर्भर और मजबूत डिफेंस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में किस तरह काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि Garuda Aerospace भारत को स्वदेशी ड्रोन टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने में योगदान देना चाहती है

Garuda Aerospace ने सेना के प्रतिनिधिमंडल को अपनी करीब 50,000 वर्ग फीट की ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी दिखाई। यहां ड्रोन के डिजाइन से लेकर प्रोटोटाइपिंग, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और डिप्लॉयमेंट तक की प्रक्रियाएं की जाती हैं

फैक्ट्री में

जैसी सुविधाएं मौजूद हैं

कंपनी के मुताबिक, इसके R&D और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े काम में 50 से ज्यादा PhD शोधकर्ता शामिल हैं। ये विशेषज्ञ PCB मैन्युफैक्चरिंग, RF एंटीना, कम्युनिकेशन सिस्टम और Ground Control Stations जैसे क्षेत्रों पर काम करते हैं

आर्मी डिजाइन ब्यूरो के ADG ने भारत की घरेलू ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने की दिशा में Garuda Aerospace के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और R&D में किए जा रहे निवेश की भी सराहना की। दौरे के दौरान कंपनी की vulnerability checklist और testing processes की भी समीक्षा की गई। इन प्रक्रियाओं को अधिकृत एजेंसियों के साथ मिलकर जांचा गया, ताकि लागू डिफेंस मानकों के पालन का आकलन किया जा सके।

इस दौरान ‘Design in India, Develop in India and Manufacture in India’ की सोच को भी रेखांकित किया गया। कंपनी के अनुसार, डिफेंस तैयारियों और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में स्वदेशीकरण एक महत्वपूर्ण स्तंभ है

Garuda Aerospace भारत की ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है। कंपनी Precision Agri Tech और Industry 4.0 जैसे क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर काम करती है। कंपनी Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) को डिजाइन करने, बनाने और जरूरत के मुताबिक कस्टमाइज करने पर फोकस करती है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल के जरिए मैनुअल लेबर की जरूरत कम करना भी इसके प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल है

स्रोत: readnownews.in

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