BaaS मॉडल में इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है, क्योंकि वाहन की कीमत में बैटरी की लागत शामिल नहीं होती। हालांकि, इसके बदले ग्राहक को बैटरी के…
BaaS मॉडल में इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है, क्योंकि वाहन की कीमत में बैटरी की लागत शामिल नहीं होती। हालांकि, इसके बदले ग्राहक को बैटरी के इस्तेमाल के लिए अलग से प्रति किलोमीटर शुल्क देना पड़ता है। महिंद्रा के मामले में यह प्रभावी बैटरी लागत 3.75 रुपए प्रति किलोमीटर है
BaaS के साथ Mahindra XEV 9S की कीमत 12.65 लाख रुपए और XEV 9e की शुरुआती कीमत 13.90 लाख रुपए है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं। बिना BaaS के XEV 9S की शुरुआती कीमत 20.65 लाख रुपए , जबकि XEV 9e की कीमत 21.90 लाख रुपए है। यानी BaaS के जरिए दोनों SUVs की शुरुआती कीमत करीब 8 लाख रुपए कम हो जाती है। हालांकि, यह अंतर सीधे तौर पर ग्राहक की बचत नहीं माना जा सकता, क्योंकि बैटरी की लागत बाद में प्रति किलोमीटर भुगतान के रूप में वसूली जाती है
महिंद्रा के मुताबिक BaaS के तहत बैटरी के लिए प्रभावी उपयोग लागत 3.75 रुपए प्रति किलोमीटर है। कंपनी ने यह गणना करीब 6,975 रुपए की शुरुआती बैटरी EMI और प्रतिदिन औसतन 60 किलोमीटर ड्राइविंग के आधार पर बताई है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति हर महीने करीब 1,500 किलोमीटर कार चलाता है, तो केवल बैटरी उपयोग शुल्क लगभग 5,625 रुपए प्रति माह बैठेगा। वहीं 2,000 किलोमीटर मासिक ड्राइविंग पर यह खर्च करीब 7,500 रुपए हो जाएगा
ध्यान रखें: यह खर्च चार्जिंग के बिजली बिल से अलग है। यानी ग्राहक को बैटरी उपयोग शुल्क के साथ कार चार्ज करने का खर्च भी उठाना होगा
यहीं पर असली सवाल खड़ा होता है। कम डाउन पेमेंट या कम शुरुआती कीमत चाहने वाले ग्राहक के लिए BaaS आकर्षक हो सकता है, लेकिन ज्यादा किलोमीटर चलाने वाले व्यक्ति के लिए इसकी कुल लागत बढ़ सकती है
XEV 9S और XEV 9e की एंट्री कीमत करीब 8 लाख रुपए तक कम हो जाती है। इससे EV खरीदना उन ग्राहकों के लिए आसान हो सकता है जिनका बजट शुरुआती भुगतान तक सीमित है
2. बैटरी की पूरी कीमत एक साथ नहीं देनी
बैटरी की लागत को अलग करके प्रति किलोमीटर भुगतान करने से शुरुआती वित्तीय बोझ कम हो जाता है
3. ज्यादा महंगी EV तक पहुंच आसान
कम शुरुआती कीमत की वजह से ग्राहक ज्यादा फीचर्स और बड़ी SUV वाले मॉडल पर विचार कर सकता है
1. ज्यादा चलाएंगे तो खर्च बढ़ेगा
3.75 रुपए प्रति किलोमीटर सुनने में कम लग सकता है, लेकिन साल में ज्यादा किलोमीटर चलाने पर यह रकम काफी बढ़ सकती है
2. चार्जिंग खर्च अलग
3.75 रुपए प्रति किलोमीटर में कार की चार्जिंग बिजली का खर्च शामिल नहीं है। इसलिए वास्तविक EV रनिंग कॉस्ट इससे ज्यादा होगी
3. शुरुआती कीमत को देखकर फैसला न करें
BaaS वाली कीमत में बैटरी की लागत शामिल नहीं है। इसलिए इसकी तुलना सामान्य EV की पूरी कीमत से सीधे करना सही नहीं होगा
4. फाइनेंस की शर्तें महत्वपूर्ण हैं
बैटरी की EMI, अवधि और ब्याज दर फाइनेंसर के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए खरीदने से पहले पूरे कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को समझना जरूरी है
अगर आपका इस्तेमाल कम या मध्यम किलोमीटर का है और आप शुरुआत में कम रकम खर्च करना चाहते हैं, तो BaaS आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आपकी कार का इस्तेमाल रोजाना लंबी दूरी के लिए होता है और सालाना किलोमीटर काफी ज्यादा है, तो 3.75 रुपए प्रति किलोमीटर का बैटरी शुल्क लंबे समय में बड़ा खर्च बन सकता है
इसलिए BaaS वाली EV खरीदने से पहले सिर्फ “8 लाख रुपए तक सस्ती” कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। आपको कम से कम 5 साल की अवधि में कार की कीमत + बैटरी शुल्क + चार्जिंग खर्च + फाइनेंस लागत जोड़कर कुल खर्च की तुलना करनी चाहिए
महिंद्रा ने BaaS योजना का विस्तार BE 6 Sporteq के सभी वेरिएंट तक कर दिया है। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ छोटे 59kWh बैटरी वाले Pack One और Pack Two वेरिएंट तक सीमित थी। हालांकि, कंपनी ने अभी तीनों इलेक्ट्रिक SUVs के लिए वेरिएंट के हिसाब से BaaS कीमतों का पूरा ब्रेकअप जारी नहीं किया है
Battery-as-a-Service यानी BaaS ऐसा प्राइसिंग मॉडल है जिसमें EV की बैटरी की कीमत कार की एक्स-शोरूम कीमत से अलग कर दी जाती है। इससे कार की शुरुआती कीमत काफी कम दिखाई देती है
इसके बाद ग्राहक बैटरी के इस्तेमाल के लिए तय अवधि और फाइनेंस शर्तों के अनुसार प्रति किलोमीटर भुगतान करता है। हालांकि, चार्जिंग का बिजली खर्च इसमें शामिल नहीं होता। भारत में JSW MG Motor India ने Windsor के साथ BaaS मॉडल पेश किया था। इसके बाद Tata Motors, Maruti, Toyota, Hyundai और Citroen जैसी कंपनियों ने भी इस तरह की कीमत रणनीति अपनाई है। महिंद्रा अब इस मॉडल को अपनी पूरी Born Electric लाइनअप तक ले आई है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक BaaS को सीधे घाटे का सौदा भी नहीं कहा जा सकता और हर ग्राहक के लिए फायदे का सौदा भी नहीं है। इसका फायदा मुख्य रूप से उस ग्राहक को मिल सकता है जो कम शुरुआती कीमत चाहता है और जिसकी सालाना ड्राइविंग बहुत ज्यादा नहीं है
ज्यादा चलने वाले ग्राहक को खरीदने से पहले सामान्य EV और BaaS मॉडल की 5 साल की कुल लागत जरूर निकालनी चाहिए। यही गणना बताएगी कि आपके लिए BaaS वास्तव में सस्ता है या सिर्फ शुरुआती कीमत कम दिख रही है
स्रोत: readnownews.in


