शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन समाप्त हो गया। इस बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन खत्म होने के बाद अपनी पहली सुबह का अनुभव साझा करते हुए समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
अभिजीत दीपके ने कहा, “आज सच में बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। आखिरकार लंबे समय बाद चैन की नींद सो पाया और अपने बेडरूम में आराम से सुबह उठ सका। अब हर दिन यह चिंता नहीं रहती कि आगे क्या करना है या शाम तक क्या होगा।”
उन्होंने बताया कि पिछले 37 दिन उनके और उनकी पूरी टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। उनके मुताबिक, लगातार आंदोलन के दौरान मानसिक और शारीरिक दोनों तरह का दबाव रहा, लेकिन समर्थकों के सहयोग ने उनका हौसला बनाए रखा।
दीपके ने देशभर में CJP का समर्थन करने वाले लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उन पर भरोसा जताया और कठिन समय में साथ दिया, उनका सहयोग इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत रहा।
उन्होंने यह भी बताया कि आंदोलन के अंतिम दिन वह सभी समर्थकों से मुलाकात नहीं कर सके क्योंकि उन्हें टाइफाइड हो गया था और तेज बुखार के कारण उन्हें घर लौटना पड़ा। इसके लिए उन्होंने समर्थकों से क्षमा भी मांगी।
अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक डटे रहे सभी लोगों का योगदान सराहनीय है और उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
आलोचकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने आंदोलन पर सवाल उठाए या उनकी आलोचना की, वे भी इस यात्रा का हिस्सा रहे। उनके अनुसार, आलोचनाओं ने उन्हें अपनी प्रतिबद्धता और गंभीरता साबित करने का अवसर दिया।
अपने संबोधन के अंत में दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी अंत का नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि कॉकरोच जनता पार्टी आगे भी अपने उद्देश्यों को लेकर सक्रिय रहेगी और लंबी यात्रा तय करेगी।


