लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अंसारी परिवार रविवार (21 जून) को सपा का दामन थाम सकता है। हालांकि, इस संबंध में अब तक अब्बास अंसारी या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यदि यह राजनीतिक बदलाव होता है, तो इसे सुभासपा प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। पूर्वांचल की राजनीति में अंसारी परिवार का प्रभाव रहा है और उनके सपा में जाने से क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि अब्बास अंसारी के चाचा और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी पहले भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में अंसारी परिवार और सपा के बीच राजनीतिक निकटता की चर्चाएं पहले से होती रही हैं।
वहीं, हाल के दिनों में ओम प्रकाश राजभर और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी भी चर्चा में रही है। राजभर ने दावा किया था कि सपा के कई सांसद भाजपा के संपर्क में हैं, जबकि अखिलेश यादव ने उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “अफवाह मंत्री” बताया था।
फिलहाल अब्बास अंसारी के संभावित राजनीतिक कदम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सभी की नजरें 21 जून को होने वाले संभावित घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।


