BJP प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में “म्यूजिकल चेयर का खेल” चल रहा है, जिसमें संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि महाधिवक्ता ने इस्तीफा स्वेच्छा से दिया या उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
अजय शाह ने यह भी मांग की कि राजीव रंजन के पूरे कार्यकाल को लेकर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनका कार्यकाल संतोषजनक था या नहीं और उन्हें लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया।
इस बीच, सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। विधि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने राजीव रंजन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नई नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
राजीव रंजन वर्ष 2020 से झारखंड के महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
महाधिवक्ता राज्य सरकार के शीर्ष विधिक सलाहकार होते हैं और अदालतों में सरकार का पक्ष रखते हैं। ऐसे में इस पद पर हुआ यह बदलाव राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


