हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है।
सबसे अधिक असर कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में देखा गया, जहां भारी बारिश के बाद शमशर नाला उफान पर आ गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए। नाले में पानी और मलबा आने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-305 (NH-305) पर भी कई स्थानों पर मलबा और पानी सड़क पर आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ जगहों पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जबकि कई चालक जोखिम उठाकर प्रभावित मार्गों से गुजरते नजर आए।
राजधानी शिमला सहित मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर भारी बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों को देखते हुए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है।


