देश के अलग-अलग हिस्सों—दिल्ली, बिहार के मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश के नोएडा और मध्य प्रदेश के इंदौर—में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों ने हड़कंप मचा दिया है। सिर्फ तीन दिनों के भीतर चार अलग-अलग घटनाओं में करीब 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के बाद देशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली में होटल में भीषण आग
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में एक होटल के ग्राउंड फ्लोर पर बने रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिनमें से 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हुए। हादसे में कुछ लोग जान बचाने के लिए इमारत से कूदने को मजबूर हुए।
मुजफ्फरपुर अस्पताल में आग, मरीजों की मौत
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। वार्ड में भर्ती गंभीर मरीज धुएं में फंस गए और दम घुटने से 5–6 मरीजों की मौत हो गई। आरोप है कि घटना के समय अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई।
नोएडा के फ्लैट में आग, मची अफरा-तफरी
नोएडा के सेक्टर-75 स्थित एक हाई-राइज सोसाइटी के 12वीं मंजिल पर आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण आसपास के फ्लैट खाली कराने पड़े। फायर ब्रिगेड की पहुंच और संसाधनों की सीमाओं के बावजूद समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इंदौर के शोरूम में आग, वाहन जलकर खाक
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में स्थित ई-व्हीकल शोरूम में आग लग गई। आग की लपटों और धुएं से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन कई वाहन जलकर नष्ट हो गए।
इन लगातार हुई घटनाओं ने देश में फायर सेफ्टी सिस्टम, बिल्डिंग सुरक्षा मानकों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


