युवाओं के नवाचार को योगी सरकार का प्रोत्साहन, यूपी राइज में छात्रों ने दिखाया हुनर

shikha verma
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उत्तर प्रदेश में युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की ओर से शुरू की गई पहल यूपी राइज छात्रों को अपने नए विचारों और तकनीकी नवाचारों को मंच देने का अवसर प्रदान कर रही है। इसी क्रम में लखनऊ स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित यूपी राइज कार्यक्रम में छात्रों ने तकनीक आधारित कई अभिनव कारोबारी मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में शॉर्टलिस्ट किए गए प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, सुरक्षा, कृषि, जल गुणवत्ता, रियल एस्टेट और पारंपरिक शिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नवाचार शामिल रहे। छात्रों ने अपने विचारों को तकनीक और व्यावसायिक संभावनाओं के साथ प्रस्तुत किया।

एआई और तकनीक आधारित रहे प्रमुख प्रोजेक्ट

कार्यक्रम में ध्रुव एक्स स्काईशील्ड ने पोर्टेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ड्रोन रोधी रक्षा प्रणाली प्रस्तुत की। वहीं निदानवाणी ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा डिजिटल मंच, मेरिडियन ने स्मार्ट पहनने योग्य मुद्रा निगरानी प्रणाली और संवेदना ने एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य मंच पेश किया।

इसके अलावा स्कैनविडेंस ने चिकित्सकों के लिए रोगी के आंकड़ों के विश्लेषण और निदान में मदद करने वाला मेडिकल प्लेटफॉर्म तैयार किया। जियोक्वेरी लैब ने संपत्ति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने वाली तकनीक, जबकि इनोवेट8एक्स ने एआई आधारित निगरानी एवं सुरक्षा प्रणाली प्रस्तुत की।

इसी क्रम में शिल्पसेतु ने कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने वाला डिजिटल मार्केटप्लेस और एग्रीक्यू ने सटीक कृषि के लिए स्वचालित तकनीकी प्रणाली का प्रदर्शन किया।

इनोवेट8एक्स ने हासिल किया पहला स्थान

प्रतियोगिता में इनोवेट8एक्स की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम में रमिश अदील, मुस्कान, फराज नदीम, लैबा रहमान, रेहान शेख और फैजान-ए-रजा शामिल रहे।

स्कैनविडेंस की टीम दूसरे स्थान पर रही। टीम में अनस खालिद, अब्दुल मलिक, अली हसन, अलीना फारूकी, अब्दुल रहमान और साहेर जहरा शामिल हैं।

वहीं मेरिडियन की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। टीम में इमामा बिन्त अनवर, अरिशा खानम, अब्दुल्ला अशरफ अली, मोहम्मद सायम अशरफ, एमडी मामूनुर रशीद और हसन अब्बास नियाजी शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने किया नवाचारों का मूल्यांकन

छात्रों की प्रस्तुतियों और उनके आइडिया का मूल्यांकन हर्षित देसाई, सिमरन साहनी, पूनम खंडेलवाल और हर्षवर्धन जवेरी ने किया। विशेषज्ञों ने छात्रों के नवाचार, तकनीकी उपयोग, व्यावसायिक संभावनाओं और समस्या के समाधान की क्षमता के आधार पर प्रोजेक्ट्स का आकलन किया।

यूपी राइज के माध्यम से छात्रों को अपने नवाचारों को केवल आइडिया के रूप में नहीं, बल्कि संभावित कारोबारी मॉडल के तौर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। पहल के तहत चयनित प्रतिभागियों को बुकमायशो में प्रशिक्षण का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय में भी यूपी राइज कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जहां छात्रों को अपने नवाचार और उद्यमिता से जुड़े विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

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