श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज ने स्पष्ट किया है कि उनका चंपत राय से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिर व्यवस्था और राम जन्मभूमि से जुड़े विषयों पर उनकी अपनी अलग राय है और वे जल्द ही इस पर विस्तृत प्रेस वार्ता करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस टली, जल्द होगी नई तारीख
आचार्य धर्मदास महाराज ने बताया कि पहले प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस किसी आवश्यक कार्य के चलते स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ते कार्यभार के कारण अब यह प्रेस वार्ता अगले दो-तीन दिनों में आयोजित की जाएगी, जिसमें वे राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
मंदिर व्यवस्था को लेकर सुझाव
महंत ने कहा कि उनका उद्देश्य राम जन्मभूमि मंदिर में पारंपरिक पूजा-पद्धति को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि साधु-संतों की भूमिका को मंदिर व्यवस्था में अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और इस संबंध में वे प्रशासन को पत्र भी सौंप सकते हैं।
दबाव के आरोपों से इनकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित किए जाने को लेकर लगाए जा रहे दबाव के आरोपों को उन्होंने खारिज किया। उन्होंने कहा कि निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक और व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है, इसमें किसी प्रकार का बाहरी दबाव नहीं है।
राम मंदिर और आस्था पर टिप्पणी
राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावे के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य धर्मदास महाराज ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में विवादों को तूल देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर संयम और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
चंपत राय और प्रशासन पर बयान
चंपत राय को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका उनसे कोई संबंध नहीं है और वे इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में व्यवस्था मजबूत है और प्रशासन भ्रष्टाचार पर सख्ती से कार्रवाई करता है।
विपक्ष पर भी टिप्पणी
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अतीत के घटनाक्रमों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के दावे रहे हैं, लेकिन वे राम जन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विवाद को बढ़ाना उचित नहीं समझते।


