उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के बाद निर्वाचन विभाग ने प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
हालांकि, करीब 19 लाख मतदाताओं के आवेदन फॉर्म में दस्तावेजों या जानकारी से जुड़ी कमियां मिलने के कारण उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
11 सितंबर तक निपटेंगे दावे और आपत्तियां
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, SIR से जुड़े सभी दावे, आपत्तियां और नोटिस मामलों का निपटारा 11 सितंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
किन मतदाताओं को मिलेगा नोटिस?
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, जिन मतदाताओं के SIR फॉर्म में पता, पहचान पत्र, जन्म संबंधी जानकारी या पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियां मिली हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
ऐसे मतदाता संबंधित निर्वाचन अधिकारी के सामने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
हरिद्वार में सबसे ज्यादा मतदाता
ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार, उत्तराखंड में करीब 37.23 लाख पुरुष और 34.23 लाख महिला मतदाता शामिल हैं।
जिलेवार आंकड़ों में:
- हरिद्वार में सबसे अधिक करीब 12.45 लाख मतदाता हैं।
- देहरादून में लगभग 11.90 लाख मतदाता दर्ज हैं।
- ऊधमसिंह नगर में करीब 11.55 लाख मतदाता हैं।
वहीं पर्वतीय जिलों जैसे रुद्रप्रयाग, चंपावत और बागेश्वर में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
नाम सूची में होने के बाद भी आ सकता है नोटिस
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को सलाह दी है कि केवल ड्राफ्ट सूची में नाम देखकर निश्चिंत न हों। यदि SIR फॉर्म में कोई जानकारी गलत या अधूरी पाई गई है तो सूची में नाम होने के बावजूद नोटिस जारी हो सकता है।
ऐसे में मतदाताओं को बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से मिलने वाली सूचना पर ध्यान देना होगा और तय समय के भीतर जवाब देना होगा।
फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा?
जिन लोगों ने समय पर SIR फॉर्म जमा नहीं किया और जिन्हें ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में रखा गया है, उनका नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया है।
ऐसे लोग अब फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर उनका नाम अंतिम या पूरक मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है।
बढ़ाए गए मतदान केंद्र
निर्वाचन विभाग ने मतदान व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में पोलिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई है। अब मतदान केंद्रों की संख्या 11,733 से बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि SIR का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे नोटिस या सूची से जुड़ी किसी भी जानकारी को गंभीरता से लें और समय पर जरूरी कार्रवाई करें।


