यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का होगा विस्तार, गंगा एक्सप्रेसवे पहुंचेगा हरिद्वार

shikha verma
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 7,968.30 करोड़ रुपये की लागत से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है।

हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे

कैबिनेट की मंजूरी के बाद गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस परियोजना पर राज्य सरकार का अनुमानित 10,761 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सरकार के मुताबिक, इससे हरिद्वार और बिजनौर समेत कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी

बुंदेलखंड के लिए कैबिनेट का एक और बड़ा फैसला सामने आया है। 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), डिफेंस कॉरिडोर और झांसी के आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक तेज और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में बनेगा औद्योगिक क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) के विकास को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 272.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

8 मेगा निवेश परियोजनाओं को भी हरी झंडी

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव समेत कई जिलों में प्रस्तावित हैं। कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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