बिहार के भोजपुर जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए भरत भूषण तिवारी की पटना में मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के विरोध में गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने आरा-बक्सर फोर लेन पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
सड़क जाम से यातायात प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने बिलौटी गांव के पास मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे आरा-बक्सर फोर लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला।
‘फर्जी एनकाउंटर’ का आरोप
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को “फर्जी एनकाउंटर” बताया। उनका कहना था कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के हटने से इनकार करने पर हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
पुलिस प्रशासन का कहना है कि बार-बार समझाने के बावजूद जाम नहीं हटाया गया, जिसके चलते यातायात बहाल कराने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जांच की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।


