यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन पर संशय? नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

shikha verma
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के बाद सपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

गठबंधन पर फैसला आलाकमान करेगा: गौतम

नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि इस पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को मजबूत करना फिलहाल प्राथमिकता है और अगले एक महीने में कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव तक पार्टी को सक्रिय करने का काम करेंगे।

गौतम ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय दलों को एकजुट होकर इंडिया गठबंधन को मजबूत करना चाहिए और बिखराव की स्थिति से बचना चाहिए।

संगठन और गुटबाजी पर फोकस

राजेंद्र पाल गौतम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक मजबूती और गुटबाजी खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में आंतरिक मतभेदों को समाप्त कर एकजुटता के साथ काम किया जाएगा।

उन्होंने पूरे प्रदेश में दौरा कर संगठन को मजबूत करने की बात भी कही।

कांग्रेस नेतृत्व का आभार

प्रभारी नियुक्त होने के बाद गौतम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करना और भाजपा को सत्ता से बाहर करना है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

दलित समुदाय से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम पहले दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके हैं और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्हें हाल ही में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग का अध्यक्ष भी बनाया गया था।

यूपी राजनीति में बढ़ी हलचल

गौतम की नियुक्ति और उनके बयानों के बाद यूपी की राजनीति में कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में गठबंधन की स्थिति पर केंद्रीय नेतृत्व का फैसला निर्णायक होगा।

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