केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की National Security Act (NSA) के तहत चल रही हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है। करीब 170 दिन से अधिक समय से हिरासत में रहे वांगचुक की अब जल्द रिहाई होगी।
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को Leh के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
दरअसल, लद्दाख में लंबे समय से राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने, भूमि और नौकरी में स्थानीय अधिकारों तथा संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इसी दौरान हुए प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को हिरासत में लिया गया था।
गृह मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि सरकार लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के अनुसार सभी पक्षों के साथ सार्थक और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने यह भी कहा कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर पहले से गठित हाई पावर्ड कमिटी में केंद्रीय मंत्री और स्थानीय नेता चर्चा कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वांगचुक की रिहाई के बाद राज्य का दर्जा, स्थानीय रोजगार में आरक्षण और क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दों पर बातचीत को नई गति मिलेगी।
लद्दाख को **Ladakh को वर्ष 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से ही यहां विभिन्न संगठनों द्वारा संवैधानिक सुरक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
