युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देने और माफिया राज व भय की संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा रंग दे बसंती अभियान लगातार विस्तार ले रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या डिग्री कॉलेज में अभियान की टीम ने छात्राओं से संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा के बढ़ते महत्व की जानकारी दी गई। बदलते डिजिटल दौर में सोशल मीडिया की भूमिका, उसके सकारात्मक उपयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए इसके प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
छात्राओं ने कार्यक्रम में आयोजित क्विज प्रतियोगिता, टैलेंट क्रिएशन समेत विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैंप वॉक, सिंगिंग, डिबेट और काव्य पाठ के जरिए छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कॉलेज की प्राचार्य मंजुला उपाध्याय ने कहा कि रंग दे बसंती जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। ऐसे मंच छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने और उसे व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को रंग दे बसंती टीम की ओर से सम्मानित किया गया। मानवी राजपूत, आमना असद, रौशनी चौधरी, वर्तिका, शगुन और कुलेष्ठा को प्रोत्साहन स्वरूप ट्रॉफी प्रदान की गई।
रंग दे बसंती के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्रतिभाशाली और योग्य छात्र-छात्राओं का चयन किया जा रहा है। चयनित विद्यार्थियों को शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में आवेदन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। विद्यार्थी रंग दे बसंती के इंस्टाग्राम पेज और वेबसाइट के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
अभियान के तहत टीम प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगातार कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों तक पहुंच बना रही है। अब तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन, लखनऊ विश्वविद्यालय में वॉल पेंटिंग और मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज में कॉमिक बुक विमोचन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें शिक्षा, नवाचार व सामाजिक सरोकारों से जोड़ना है।


