मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रस्ताव, गृह विभाग को निर्देश

Bole India
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मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गृह विभाग को UCC का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य इसे साल के अंत तक लागू करना है। इस दिशा में एक हाई-लेवल पैनल भी गठित किया जाएगा, जिसमें कानूनी विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून देश की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा। उन्होंने मसौदा तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं और कहा कि जल्द ही UCC को राज्य में लागू किया जाएगा।

वहीं, विपक्ष ने इस पहल पर आपत्ति जताई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और सभी वर्गों को भरोसे में लेना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना व्यापक चर्चा के कानून लागू करने से सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।

प्रस्तावित UCC में शादी का पंजीकरण अनिवार्य, तलाक के नियम सभी धर्मों के लिए समान और पैतृक संपत्ति में बेटियों को बराबरी का अधिकार शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, बहुविवाह पर पूरी तरह रोक लगाने की भी संभावना है।

सरकार उत्तराखंड और गुजरात के मॉडल का अध्ययन करेगी। उत्तराखंड ने लिव-इन जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया और बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार दिए। गुजरात ने 2026 में विवाह और तलाक के पारंपरिक नियमों को हटाकर अदालती नियमों को अनिवार्य किया, जिससे बिना रजिस्ट्रेशन लिव-इन में रहना अब भारी जुर्माना और जेल की सजा का कारण बन सकता है।

मध्य प्रदेश अब इसी सख्त रास्ते पर आगे बढ़ने की तैयारी में है।

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