राजस्थान सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने UCC विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
सरकार का कहना है कि इस कदम से राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू होगा, जिससे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में एक समान व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और अन्य कानूनी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, UCC लागू होने के बाद विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह पर रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन और संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार जैसे प्रावधान लागू हो सकते हैं।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समुदायों के परंपरागत रीति-रिवाज और संवैधानिक संरक्षण को सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, विधेयक को लेकर जनसंवाद और सुझाव प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
राजस्थान अब UCC की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का दूसरा बड़ा राज्य बन गया है। इससे पहले उत्तराखंड में इसे लागू किया जा चुका है। अब सभी की नजरें समिति की रिपोर्ट और अंतिम विधेयक पर टिकी हैं।


