साइबर सिटी गुरुग्राम के नगर निगम कमिश्नर पद पर प्रदीप दहिया की एक बार फिर नियुक्ति कर दी गई है। गुरुवार को उनका तबादला गुरुग्राम से रोहतक कर दिया गया था, लेकिन शुक्रवार को महज 24 घंटे के भीतर ही सरकार ने उन्हें दोबारा गुरुग्राम नगर निगम की जिम्मेदारी सौंप दी।
गुरुग्राम में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठ रहे थे। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी भरने और लोगों को परेशानी का सामना करने के चलते प्रदीप दहिया का तबादला किया गया था। हालांकि, अब उन्हें फिर से उसी पद पर बहाल कर दिया गया है।
शहर में जलभराव की समस्या लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। बारिश के दौरान सड़कों, अंडरपास और प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से आम लोगों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद गुरुग्राम में फिर दिखा जलभराव का असर
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई।
सिग्नेचर टावर के पास एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर भी पानी जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। वहीं, गुरुग्राम बस स्टैंड अंडरपास में बारिश का पानी भरने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर भरा पानी
करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर भी जलभराव की समस्या सामने आई। इसके अलावा शहर के पॉश इलाके सेक्टर-15 में भी बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव बना हुआ है और ऐसे में प्रदीप दहिया की दोबारा नियुक्ति को लेकर अब शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सभी की नजरें रहेंगी।


