मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस हादसे में पांच मरीजों की मौत के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जनता दल (यूनाइटेड) ने इस घटना को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
JDU ने सरकार से मांगी जिम्मेदारी तय करने की मांग
JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान, विशेषकर ICU में आग लगना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है—लाइसेंस जारी करने वालों की या निगरानी करने वाले अधिकारियों की?
उन्होंने कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। नीरज कुमार ने इसे “कुप्रबंधन का उदाहरण” बताते हुए पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
जांच के आदेश, सरकार ने दी कार्रवाई का आश्वासन
घटना को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
JDU का आधिकारिक बयान
पार्टी के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से भी बयान जारी किया गया, जिसमें मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा गया कि JDU इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
बीजेपी ने भी दी प्रतिक्रिया
बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रशासन और अग्निशमन दल मौके पर पहुंच चुके हैं और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
इस हादसे के बाद अब विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है, जबकि सत्ता पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है। इस बीच अस्पताल सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


