हरिद्वार में चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड परिवहन विभाग ने एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का नाम था “सुरक्षित साथी गिग वर्कर रोड सेफ्टी एवं इमरजेंसी रिस्पांस ट्रेनिंग प्रोग्राम” और इसे एक निजी होटल में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के मद्देनज़र राज्य के प्रवेश द्वार गुरुकुल नारसन में एक आधुनिक सूचना केंद्र स्थापित किया जाएगा।
सूचना केंद्र की विशेषताएँ
- केंद्र पर एआरटीओ कार्यालय संचालित होगा, जहां वाहन चालकों के दस्तावेज़ की जांच और ग्रीन कार्ड सुविधा उपलब्ध होगी।
- यात्रियों और ड्राइवरों को बार-बार रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा सुगमता से पूरी की जा सकेगी।
- शौचालय, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
प्रशिक्षण में डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर और अन्य गिग वर्कर्स को शामिल किया गया। कार्यक्रम में उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा, “इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं और इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।”
फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पांस प्रशिक्षण
कार्यक्रम में गिग वर्कर्स को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और त्वरित इमरजेंसी रिस्पांस पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य था कि जरूरत पड़ने पर वे न केवल खुद सुरक्षित रह सकें, बल्कि अन्य लोगों की मदद भी समय पर कर सकें।
