ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है। वहीं ट्विशा की सास और रिटायर्ड जस्टिस Giribala Singh के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
परिवार का आरोप है कि ट्विशा मानसिक प्रताड़ना और दबाव का सामना कर रही थीं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
पति की अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई
मामले में फरार चल रहे ट्विशा के पति समर्थ ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। पुलिस पहले ही उन पर इनाम घोषित कर चुकी है। उनकी बेल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
दूसरी तरफ ट्विशा का परिवार भी हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में है। परिवार आरोपी पक्ष से जुड़े कई मुद्दों को लेकर याचिका दायर करेगा।
गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की मांग
ट्विशा के परिवार का कहना है कि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। इसी आधार पर परिवार हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करेगा।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- 12 मई 2026: ट्विशा शर्मा की मौत हुई
- 13 मई 2026: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि
- 15 मई 2026: पति और सास के खिलाफ FIR दर्ज
- 18 मई 2026: CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें ट्विशा छत पर जाती दिखीं
- 19 मई 2026: पति पर पुलिस ने इनाम घोषित किया
- 22 मई 2026: सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज है, जबकि परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।


