मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि यह निर्णय लंबे समय से किसानों और किसान संगठनों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मध्य प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 के तहत पुनर्निधारण का प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत मुआवजे के मल्टीप्लिकेशन फैक्टर को बढ़ाया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा फैक्टर-2
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अब ‘फैक्टर-2’ लागू किया जाएगा। इससे पहले जहां किसानों को कम मुआवजा मिलता था, वहीं अब इस बदलाव के बाद उन्हें भूमि अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा प्राप्त होगा। राज्य मंत्री ने बताया कि यह निर्णय केंद्र सरकार के 2013 के अधिनियम के अनुरूप है, जिसमें राज्यों को मल्टीप्लिकेशन फैक्टर तय करने का अधिकार दिया गया है। इसी अधिकार का उपयोग करते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित में यह बड़ा कदम उठाया है।
किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसला
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि अब प्रदेश में किसी भी शासकीय या सार्वजनिक निर्माण कार्य के लिए जब भूमि अधिग्रहण किया जाएगा, तो किसानों को उचित और अधिक मुआवजा मिलेगा।सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी जमीन का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनके आर्थिक हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

